वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने जारी किया रिपोर्ट, महिलाओं के अपेक्षा पुरुष कर्मचारियों को कंपनियां दे रही हैं प्राथमिकता

0
52
सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर पांच में से चार कंपनियों में 10 % से भी कम महिला कर्मचारियों की भागीदारी है। जारी आकड़े के मुताबिक भारत की ज्यादातर कंपनियां महिलाओं की तुलना में पुरुष कर्मचारियों को भर्ती करना पसंद करती है। रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की मानसिकता रखने वाली कंपनियों की संख्या भारत में तेजी से बढ़ रही है।

रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ती महिलाएं

गौरतलब है कि भारत में तकनीक के क्षेत्र से जुड़ी नौकरियों में बहुत तेजी से इजाफा हो रहा है। लोगों के लिए नए-नए  रोजगार सृजित हो रहे हैं, लेकिन चयन में लिंगभेद की वजह से इसका फायदा महिलाओं से ज्यादा पुरुषों को मिल रहा है।

वैश्विक औसत में पिछड़ता भारत

भारत में महिला कार्यबल की भागीदारी महज 27% है जो कि वैश्विक औसत के मुकाबले 23 फीसद कम है। एक तरफ तो भारत में तेजी से नई नौकरियां पैदा हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ महज 26 % महिला कर्मियों की भर्ती देश में महिलाओं की स्थिति पर कई सवाल खड़ा करती है।

पूरा विवरण (किस सेक्टर में महिलाओं का वर्चस्व)

-बैंकिंग सेक्टर में 61% महिला कर्मचारी, टेक्सटाइल सेक्टर में 64% महिला कर्मचारी।
-रिटेल सेक्टर की 79 फीसद कंपनियों में 10% महिला कर्मचारी।
-ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स सेक्टर की 77 फीसद कंपनियों में 10% महिला कर्मचारी।
-भारत में 27% महिला कार्यबल।
-वैश्विक स्तर पर 50% महिला कार्यबल।
-546 वे कंपनियां जहां 10 फीसद से कम महिला कर्मचारी।
-172 कंपनियों में 5 फीसद महिला कर्मचारी।
-164 में कोई महिला कर्मचारी नहीं।
-3 में से 1 कंपनी देती हैं पुरुष कर्मचारियों को प्राथमिकता।
-10 में से 1 कंपनी देती हैं महिला कर्मचारियों को प्राथमिकता।
-770 सर्वे में शामिल भारतीय कंपनियां।
-770 में से उन कंपनियों की संख्या जहां 50% या अधिक महिला कर्मचारी हैं मात्र 10 है।

Facebook Comments