कश्मीरी युवक को सेना की जीप में बांधने वाले मेजर लीतुल गोगोई फिर सुर्ख़ियों में, सेना ने दिया इन पर कोर्ट ऑफ इनक्वायरी का आदेश…!

0
162

जम्मू-कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के मेजर लीतुल गोगोई इनदिनों फिर एक बार चर्चाओ में हैं| ये भारतीय सेना के वही मेजर गोगोई हैं जिन्होंने बीते साल 9 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोकसभा उपचुनाव के दौरान एक कश्मीरी युवक को सेना की जीप के आगे बांधकर घुमाया था| तब उन्होंने इस मामले को लेकर सफाई दिया था कि मतदान केंद्र पर तैनात कर्मचारियों और अपनी यूनिट के सैनिकों को पत्थरबाज़ों से बचाने के लिए उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा था|

गौरतलब हैं कि अब वही मेजर गोगोई एक बार फिर चर्चाओ में हैं मगर मामला कुछ और हैं| दरअसल वरिष्ठ अधिकारी को बताए बिना कमांड से बाहर जाने की अनुशासनहीनता बरते जाने के वजह से सेना ने गोगोई के खिलाफ शुक्रवार को कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। गोगोई को बीते बुधवार यानि 23 मई को स्थानीय पुलिस ने उस समय उन्हें हिरासत में ले लिया था जब वह एक स्थानीय लड़की के साथ श्रीनगर के एक होटल के कमरे में जाना चाहते थे|

आपकी जानकारी के लिए बता दे, कि होटलकर्मियों  के द्वारा उन्हें ऐसा करने से रोके जाने पर उनका होटलकर्मियों के साथ झगड़ा भी हो गया था। बाद में स्थानीय पुलिस ने मेजर को सेना के हवाले कर दिया था। बीरवाह, बडगाम में 53 आरआर में तैनात मेजर गोगोई अपने सीनियर अधिकारीयों को बिना कुछ बताए श्रीनगर चले गए थे। बता दे, कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का फैसला थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के 25 मई को दिए गए इस बयान के बाद लिया गया| बिपिन रावत के मुताबिक, ‘दोषी पाए जाने पर मेजर लीतुल गोगोई को कठोर सजा दी जाएगी।’

दरअसल कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश के साथ ही गोगोई को सेना की 53 आरआर से ट्रांसफर कर चिनार कोर मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। जबकि गोगोई के कमांडिग ऑफिसर को भी अपने में कार्यो में लापरवाही बरतने के वजह से 53 आरआर की कमांड से हटाकर राज्य से बाहर किसी अन्य वाहिनी में अंडर कमांड पोस्टिंग पर भेजे जाने की तैयारी है। मेजर गोगोई के खिलाफ भले ही कोई बड़ा आपराधिक केस न बने, लेकिन सेना के कानून के मुताबिक उनके लिए सजा से बच पाना बेहद मुश्किल है। अगर यह आरोप गोगोई पर साबित होता हैं तो सेना उनको, सेना से बाहर करते हुए आगे के लिए उनकी सेवाएं सेना से समाप्त कर देगी और साथ ही उन्हें कम से कम सात साल तक कि कैद की भी सजा देगी।

Facebook Comments