अक्सर रहते हैं परेशान? जानिये कैसे करें दुखी मन को राज़ी

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जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है. गाहे बगाहे आपको भी कुछ परेशानियों से रूबरू होना पड़ता होगा. दोस्तों परेशानियों का एक सीमित दौर होता है, उनके जाने के बाद आप आत्मविश्वास से भर उठते हैं कि हाँ मैंने इस समस्या पर जीत हासिल कर ली. इसी तरह जीवन खट्टे मीठे अहसासों से भरा होता है. लेकिन हम परेशान होते हुए भी कैसे अपनी मनोस्थिति को थोड़ा सा बेहतर कर सकते हैं यह जानना भी बहुत जरुरी है-

मन में किसी के लिये खटास है तो कह डालें –

अगर आपका मन किसी बात को लेकर दुखी है, आपके दिल को किसी ने जाने-अनजाने में चोट पहुंचाई है तो आप उस व्यक्ति से जाकर वो बात कह दे और समझौता कर लें. ऐसा करने से आपके मन का  बोझ उतर जाएग. आप एक गहन शांति का अनुभव कर सकेंगे. खुश रहना है तो दिल में भरा गुबार निकालना होगा.

मैडिटेशन है सबसे आसान उपाय –

कई बार हमारी परेशानी की कोई वजह दिखाई नहीं पड़ती है. बेवजह मन बोझिल सा हो जाता है. ऐसा अधिक सोचने और चिंता करने के कारण होता है. इससे छुटकारा पाने के लिये आप सुबह पन्द्रह से बीस मिनट ध्यान करें. इस छोटी सी शुरुआत से आपको बड़े फायदे होंगे. आप तरोताजा और ख़ुशी महसूस करेंगे. अधिक ना सोचें और अपने काम में मन लगायें.

संतुष्टि सबसे बड़ा धन है –

शायर कहता है कि सभी को मुक्कमल जहान नहीं मिलता किसी को ज़मी नहीं मिलती किसी को आसमान नहीं मिलता. यह जीवन की सच्चाई है. काश ये हो जाता और काश ये ना होता, इस तरह की सोच आपको चिंता की गर्त में ले जाती है. आपके पास जो है उसमें संतुष्ट रहना सीखें क्योंकि बहुतों के पास उतना भी नहीं है. भूतकाल की मधुर यादों और भविष्य की चिंता को भूलकर आज में जीने की आदत डालें.

रिश्तों को अहमियत दें –  

इंसान समूह में रहना पसंद करता है और यह उसका प्राकृतिक गुण है. यह समूह उसका परिवार हो तो सोने पे सुहागा है. रिश्ते हमें वो सब कुछ देते हैं जिससे भावनाएं पोषित होती हैं. प्यार, करुणा, सहकारिता और सहानुभूति यह सब हम अपने रिश्तों में बिना कीमत के पा सकते हैं. रिश्तों को संभालना एक कला है और अगर आप खुशियाँ ढूँढ रहें हैं तो यह कला जरुर सीखिए.

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