देवरिया शेल्टर होम कांड पर खुलासा: 1 साल पहले ही रद्द हो गई थी शेल्टर होम की मान्यता, फिर भी अवैध रूप से चल रहा था

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बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की तरह ही उत्तर प्रदेश के देवरिया नारी संरक्षण गृह में भी देह व्यापार कराए जाने का खुलासा होने के बाद प्रदेश भर में भूचाल आया हुआ हैं| सरकार से लेकर प्रशासन तक सभी लोग हरकत में आ गए हैं| इसकी गाज भी अभी तक कई बड़े अधिकारियों पर गिर चुकी हैं और गिर भी रही हैं| बताते चले की देवरिया के स्टेशन रोड पर संचालित नारी संरक्षण गृह में न सिर्फ लड़कियों को जबरन देह व्यापार में लगाया गया था, बल्कि ये पूरा संस्थान ही अवैध रूप से चल रहा था| पिछले साल इस संस्थान की जांच में अनियमितता पाई गई थी| जिसके बाद इसकी मान्यता रद कर दी गई थी| आपकों बता दे, कि अवैध रूप से चल रहे संरक्षण गृह में अनियमितताओ का खुलासा तब हुआ जब संरक्षण गृह से भागी एक बालिका ने रविवार शाम को पुलिस को इसकी जानकारी दी।

बता दे, कि इस मामले में आज शाम तक और भी नए खुलासे हो सकते हैं| समाज कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार और एडीजी अंजू गुप्ता की देखरेख में सोमवार रात सभी 24 लड़कियों का जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया| हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट को अभीतक गुप्त रखा गया है| दो सदस्यीय टीम मंगलवार शाम को मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य जांच रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी| इसको लेकर कयास लगाया जा रहा है कि जांच दल की रिपोर्ट के बाद इस मामले की कई घिनौनी परतें खुलेंगी और कईयों पर गाज गिरेगी| इससे पहले सोमवार शाम को पुलिस और जिला प्रशासन ने मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह को सील कर दिया और वहां से कई अहम दस्तावेज अपने साथ ले गई| दो सदस्यीय जांच टीम ने मुक्त कराई गईं लड़कियों से भी बात कर उनके बयान दर्ज किए हैं|

आपकी जानकारी के लिए बता दे, कि संरक्षण गृह से मुक्त कराई गई 24 लड़कियों में से 13 नाबालिग हैं| इनकी उम्र 18 वर्ष से कम है| वहीं 11 अन्य की आयु 18 या उससे अधिक पाई गई| इनमें से तीन लड़कियों को राजला स्थित नारी संरक्षण गृह से मुक्त कराया गया है, जबकि अन्य सभी स्टेशन रोड स्थित बालगृह बालिका में रह रही थीं|

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