आईआरसीटीसी घोटाला: तेजस्वी और राबड़ी समेत सभी आरोपियों को मिली बेल….!

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नई दिल्ली: बिहार की राजनीति के सबसे बड़े सियासी परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लेकिन आईआरसीटीसी घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को कुछ राहत मिली है| पटियाला हाउस कोर्ट की सीबीआई विशेष अदालत ने तेजस्वी और राबड़ी देवी को जमानत दे दी है|अभी गुरुवार को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के मामले में सरेंडर करना पड़ा था। उनकी स्वास्थ्य आधार पर पेरोल बढ़ाने की याचिका को रांची हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया था।

बता दे, कि इस केस में लालू प्रसाद यादव को भी पेश होना था लेकिन उन्होंने कल ही चारा घोटाला मामले में रांची की सीबीआइ कोर्ट में सरेंडर किया है जिसके बाद वो होटवार जेल गए और स्वास्थ्य आधार पर उन्हें रिम्स अस्पताल भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों को 31 अगस्त को अदालत में पेश होने के लिए समन भेजा था, जिसके बाद तेजस्वी और राबड़ी बुधवार को ही दिल्ली रवाना हो गए थे। वहीं ईडी ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले 29 अगस्त  को सभी आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोप-पत्र दायर किया था। इस आरोप पत्र में ईडी ने लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव, राजद नेता पी.सी. गुप्ता, उनकी पत्नी सरला गुप्ता और लारा प्रोजेक्ट्स नाम की कंपनी और 10 अन्य पर आरोप लगाए हैं।

जानिए पूरा मामला

ईडी का आरोप है कि पुरी और रांची स्थित रेलवे के दो होटलों के अधिकारों के सब-लीज कोचर के स्वामित्व वाली मेसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को देने के लिए लालू और आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। होटल की सब-लीज के बदले पटना के प्रमुख स्थान की 358 डेसिमल जमीन फरवरी 2005 में मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (राजद सांसद पी.सी.गुप्ता के परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी) को दी गई थी। उस समय के सर्किल दरों की तुलना में काफी दर यह जमीन कंपनी को आवंटित की गई थी। आरोपपत्र में ईडी ने कहा है कि मंहगी जमीन से लैस यह कंपनी धीरे-धीरे राबड़ी और तेजस्वी के नाम पर हस्तांतरित कर दी गई। बहुत मामूली कीमत पर शेयर खरीदकर ऐसा किया गया।

एजेंसी ने कहा, ‘जमीन हासिल करने के लिए इस्तेमाल में लाई गई धनराशि संदिग्ध स्रोत से आई थी और मेसर्स अभिषेक फाइनांस कंपनी लिमिटेड नाम की एक एनबीएफसी का इस्तेमाल करके पी.सी. गुप्ता से जुड़ी कंपनियों के जरिए उसका धनशोधन किया गया था| ’ इसके बाद राबड़ी देवी और तेजस्वी ने उचित बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के शेयर खरीदे थे| आरोप-पत्र के मुताबिक, ‘यह गौर करने लायक है कि राबड़ी देवी की ओर से शेयरों की खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए धन सवालों के घेरे में हैं और तेजस्वी ने जिनसे शेयर खरीदे, उन्होंने वह शेयर अपने पास होने से इनकार किया है| ’ ईडी ने कहा कि उसने इस मामले में अब तक 44 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की है|  सीबीआई ने भी कुछ समय पहले इस मामले में एक आरोप-पत्र दायर किया था|

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