केजरीवाल पर उल्टा पड़ने लगा LG हाउस पर धरना देने का फैसला, नहीं मिला रहा लोगों का समर्थन…!

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता की सहानुभूति पाने के लिए राजनिवास में धरना तो दे दिये हैं लेकिन अब अपने द्वारा ही बुने गए जाल में खुद ही फंसते जा रहे हैं। दिल्ली की जनता की हमदर्दी तो उन्हे मिल नहीं रही हैं, उल्टा जनता के बीच गलत संदेश जो जा रहा है सो अलग। केजरीवाल एलजी हाउस में बैठकर जो मांग कर रहे हैं , वो जल्दी पूरी भी नहीं हो सकती। वही उधर, भाजपा और कांग्रेस के नेता केजरीवाल की खिचाई करने में लगे हुए हैं| केजरीवाल के लिए अब आलम यह हो गया हैं कि अब वह इस धरने को चाहकर भी खत्म नहीं कर पा रहे हैं।

गौरतलब हैं कि दिल्ली के  एलजी अनिल बैजल को घेरने का दांव दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के लिए बहुत महंगा पड़ गया हैं वो अपने दाव में खुद ही फसते नजर आ रहे हैं| एलजी कार्यालय के तरफ से भी दो टूक शब्दों में यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘जब आईएस अधिकारी हड़ताल पर हैं ही नहीं तो खत्म क्या कराएं। इसी तरह राशन की डोर स्टेप डिलीवरी वाली फाइल भी एलजी के पास नहीं बल्कि तीन माह से खाद्य आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन के पास है तो वो उसमे क्या कर सकते हैं| इससे भी बड़ी बात यह हैं कि केंद्र ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने से साफ इन्कार कर दिया है।

 बता दे, कि गृह सचिव व गृह मंत्री दोनों ने ही एलजी अनिल बैजल को यह स्पष्ट कर दिया है कि अधिकारियों को विश्वास में लेने के लिए सीएम केजरीवाल को खुद ही कोई पहल करनी होगी। उधर नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता और   विपक्ष के कई और नेताओं ने दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया है, वह भी केजरीवल सरकार के लिए गले की फांस बन रहा है। खबरों के मुताबिक आप के भी कुछ नेता केजरीवाल के पहल से खुश नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्हें जल्द ही यह धरना खत्म करना पड़ेगा, वह भी बेनतीजा।

वहीं, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन का कहना है कि दिल्ली के लोग खूब अच्छी तरह से समझ रहे हैं कि इस समय दिल्ली की प्रमुख समस्याएं क्या हैं और केजरीवाल कौन से समस्याओ को लेकर घूम रहे हैं। इस समय पूरी दिल्ली जहरीले वायु प्रदूषण की चपेट में है और सीएम सहित उनके सहयोगी मंत्री इन समस्याओ के हल निकाले बिना राजनिवास के एसी प्रतीक्षालय में सोफे पर आराम फरमा रहे हैं।

बता दे, की राजनिवास में केजरीवाल के धरना प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओ के द्वारा इसे एक बड़े जनआंदोलन में भी बदलने का प्रयास किया गया है लेकिन उनका यह प्रयास सफल नहीं रहा। दरअसल केजरीवाल के धरना प्रदर्शन के चौथे दिन आप के द्वारा राजघाट पर कैंडल मार्च के जरिये दिल्ली वालों को गोलबंद करने की कोशिश की गयी लेकिन वह बुरी तरह से पिट गई। आंदोलन में लगभग सौ लोग जुटे थे। जिनमे आधे से अधिक पार्टी के सांसद, विधायक, पार्षद व उनके समर्थक ही शामिल रहे। वैसे, आप ने कैंडल मार्च को सफल बनाने के लिए पार्टी के जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों को भी भीड़ जुटाने को कहा था।

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