राज्यसभा चुनाव: विपक्ष के ‘हरि’ पर भारी पड़े एनडीए उम्मीदवार हरिवंश, पीएम मोदी बोले- अब सबको ‘हरि’ कृपा चाहिए

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राज्यसभा में आज उपसभापति पद के चुनाव में कांग्रेस ने अपनी पार्टी के नेता बी.के. हरिप्रसाद को विपक्ष के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा था तो वहीं एनडीए ने हरिवंश नारायण सिंह को प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा था| गौरतलब हैं कि विपक्ष राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव चाहता था इसलिए सत्ता पक्ष इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा था। विपक्षी दलों को यह उम्मीद थी कि सभी दल मिलकर सत्ता पक्ष को आईना दिखा देंगे। उनके पास बहुमत है और एनडीए की अपना उपसभापति बनाने की मंशा धरी की धरी रह जाएगी। लेकिन आए नतीजे से विपक्ष का ही पूरा गणित गड़बड़ा गया और मंशा धरी की धरी रह रह गई|

दरअसल उपसभापति पद के चुनाव में जहां कांग्रेस प्रत्याशी बी.के. हरिप्रसाद को 105 वोट मिला तो वही एनडीए के प्रत्याशी हरिवंश नारायण सिंह को 125 वोट मिला| जिसके बाद हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति चुन लिया गया| गौरतलब हैं कि चुनाव से पहले राज्यसभा में आंकड़ों के गणित के हिसाब से एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में करीब 126 सांसदों का समर्थन माना जा रहा था तो वही कांग्रेस उम्मीदवार हरिप्रसाद के खाते में अधिकतम 111 सांसदों का वोट माना जा रहा था|

बता दे, कि पहले विपक्ष ने उपसभापति पद के लिए डीएमके के तिरुचि शिवा और एनसीपी की वंदना चह्वाण के नाम पर चर्चा शुरू की। 50 सदस्यों वाली कांग्रेस ने विपक्षी एकता का संदेश देने के लिए अपना प्रत्याशी उतारने से परहेज किया। वंदना का नाम करीब-करीब फाइनल भी हो गया था, लेकिन बीजेडी के एनडीए के साथ जाने की रणनीति को देखते हुए विपक्षी खेमे के गैर कांग्रेसी दलों ने अपना उम्मीदवार उतारने से मना कर दिया था। इसी वजह से कांग्रेस को अपना उम्मीदवार मैदान में उतारना पड़ा था|

गौरतलब हैं कि सत्ता पक्ष के उम्मीदवार जदयू सांसद हरिवंश और विपक्ष के साझा उम्मीदवार कांग्रेस सांसद बी.के हरिप्रसाद की उपसभापति पद की दावेदारी का नोटिस दोनों पक्षों ने बुधवार को ही राज्यसभा सचिवालय को सौंप दिया। हरिवंश के पक्ष में चार प्रस्ताव भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, शिवसेना के संजय राउत, जदयू के रामचंद्र प्रसाद सिंह और अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा की ओर से दिया गया था तो वही बी.के. हरिप्रसाद के पक्ष में पांच प्रस्ताव विपक्ष की अलग-अलग पार्टियों की तरफ से दिया गया था|

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