खुलासा: केजरीवाल सरकार अभी तक अपनी बजट का महज इतना ही फीसदी खर्च कर पाई हैं….!

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केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच चल रहे तनाव के वजह से केजरीवाल सरकार के कई बड़े-बड़े प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं। मीडिया मे आई खबरों के मुताबिक, दिल्ली सरकार अपनी बजट की औसतन 85% ही विकास कार्यों पर खर्च कर पा रही है, जबकि केजरीवाल सरकार से पहले दिल्ली मे शासित शीला सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में औसतन 98% बजट खर्च किया था। इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि केजरीवाल सरकार और एलजी के बीच चल रहे तनातनी का असर दिल्ली के बजट पर व्यापक रूप मे हुआ है।

गौरतलब हैं कि मौजूदा केजरीवाल सरकार ने अपने बजट को तकरीबन 30% बढ़ाया, लेकिन उस बजट को खर्च करने मे असफल रही है। बीते तीन वित्त वर्षों में अभीतक औसतन 85% बजट ही खर्च हो पाया है। इस वजह से मोहल्ला क्लीनिक और सीसीटीवी जैसे प्रोजेक्ट पर भी उसका प्रभाव पड़ा है। जबकि इससे पहले शीला दीक्षित सरकार ने 2008 से 2013 तक के अपने बजट का औसतन 98% बजट खर्च किया था। मौजूदा दिल्ली मे केजरीवाल सरकार ने अपना बजट तो बढ़ाया है, लेकिन विवादों के वजह से इसका आम जनता को लाभ नहीं मिला हैं।
बता दे, कि केजरीवाल सरकार ने एक हजार मोहल्ला क्लीनिक के लिए बजट पास किया, लेकिन ये अभीतक नहीं बन पाए हैं। इसी तरह तकरीबन 350 करोड़ की लागत से सवा लाख सीसीटीवी लगाने की योजना बनाया गया था लेकिन यह भी योजना अभी तक लटका पड़ा हुआ हैं| विधानसभा सत्र में खुद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया था कि लगबाग 32 प्रस्ताव अटके पड़े हुए हैं। केजरीवाल सरकार ने अपने पहले बजट से ही स्वास्थ्य और एजुकेशन के फील्ड में सबसे ज्यादा धन का आवंटन किया था, मगर यह राशि अभीतक पूरी तरह खर्च नहीं हो पाई हैं।

वही भाजपा विधायक व प्रतिपक्ष नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा हैं कि सरकार ने आम जनता को शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में राहत देने का वादा किया था। मगर रिपोर्ट बताती है कि सरकार इन ही क्षेत्रों में विकास का कार्य कराने मे असफल रही हैं| सरकार ने हर के क्षेत्र में इतना पैसा इतना बढ़ा दिया है कि वह इन पैसे को खर्च नहीं कर पा रही है।

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