आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा सहित सोनल मानसिंह, रघुनाथ महापात्र और राम सकल सिंह राज्यसभा के लिए मनोनीत

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नई दिल्ली:  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा शनिवार को राज्यसभा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक राकेश सिन्हा सहित चार हस्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया हैं। जिनमे राकेश सिन्हा के अलावा सोनल मानसिंह, रघुनाथ महापात्र और राम सकल सिंह शामिल हैं| जिनमे सोनल मान सिंह देश की विख्यात डांसर हैं तो वहीं रघुनाथ महापात्रा विख्यात मूर्तिकार हैं जबकि राम शकल पूर्व सांसद और दलित नेता के लिए जाने जाते हैं।

खबरों के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए और प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने इन चार लोगों को राज्यसभा के लिये मनोनीत किया है| इस बार की खास बात यह है कि फिल्म या खेल जगत से किसी भी हस्ती को मोदी सरकार के द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत नहीं किया है। यह चारों ही दिग्गज हस्तियां अलग अलग राज्यों से हैं और अपने-अपने क्षेत्र में काफी मशहूर भी हैं। आगामी चुनावों को लेकर भी यह काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब हैं कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले राम सकल एक समाज सेवी के रूप में जाने जाते हैं। ये यूपी के रॉबर्ट्सगंज से तीन बार सांसद भी रह चुके हैं। इन्होंने दलित समुदाय के उत्थान के लिए भी काफी काम किया है। राम सकल को किसानों, श्रमिकों और प्रवासियों के हितों की बात करने वाले किसान नेताओ के रूप में जाना जाता है।

तो वही राकेश सिन्हा आरएसएस विचारक के रूप में जाने जाते हैं। वह बिहार राज्य से ताल्लुक रखते हैं लेकिन काफी समय से दिल्ली में ही रहते हैं। उन्होंने कोटा विश्वविद्यालय से पीएचडी औप दिल्ली विश्वविद्यालय से एमफिल किया है। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में असोसिएट प्रोफेसर भी हैं।

रघुनाथ महापात्रा पत्थर की नक्काशी के लिये जाने जाते हैं। उनका पारंपरिक स्थापत्य और धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है| जगन्नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम भी महापात्रा ने ही किया है। उनके सबसे प्रसिद्ध कार्यों में पत्थर से बनी नक्काशीदार 6 फुट लम्बे भगवान सूर्य की संसद के सेंट्रल हाल में स्थित प्रतिमा और पेरिस में बुद्ध मंदिर में लकड़ी से बने बुद्ध हैं|

सोनल मान सिंह देश की प्रसिद्ध भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्यांगना हैं और वह छह दशकों से इस क्षेत्र में अपना अहम योगदान दे रही हैं। वह एक समाजसेवी के रूप में भी जानी जाती हैं। उन्होंने 1977 में दिल्ली में सेंटर फॉर इंडियन क्लासिकल डान्स की स्थापना की थी।

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